वेश्या बृत्ति (Prostitution in Hindi)
समाजशास्त्रीक भाषा के अनुसार वेश्या बृत्ति (Prostitution in Hindi) वो होता है जिसके जरिए कोई पुरुष या कोई महिला धन-दौलत या संपत्ति के बदले किसी अन्य पुरुष या महिला के साथ यौन सम्बन्ध स्थापन करते है।
वेश्या बृत्ति में व्यक्ति का देह ही उपभोग्य सामग्री बन जाता है। दोस्तों एहि पर आपको बता देना चाहता हूँ की इंसान हो या फिर जानवर सभी के जीवन में यौन सुख का महत्व बहुत ही ज्यादा होता है और इस बृत्ति के दुवारा इसी महत्व का फ़ायदा उठाया जाता है।
सामग्री में रूपांतरित होने वाले इस देह के जरिए कोई महिला पुरुष के साथ और कोई पुरुष महिला के साथ यौन संपर्क स्थापन करते है।
वेश्या बृत्ति में व्यक्ति का देह ही उपभोग्य सामग्री बन जाता है। दोस्तों एहि पर आपको बता देना चाहता हूँ की इंसान हो या फिर जानवर सभी के जीवन में यौन सुख का महत्व बहुत ही ज्यादा होता है और इस बृत्ति के दुवारा इसी महत्व का फ़ायदा उठाया जाता है।
सामग्री में रूपांतरित होने वाले इस देह के जरिए कोई महिला पुरुष के साथ और कोई पुरुष महिला के साथ यौन संपर्क स्थापन करते है।
कुछ कुछ यूरोप और एशियाई देशो में तो वेश्या बृत्ति को कानूनी स्वीकृति तक प्रदान की गयी है, ये देश कुछ इस इस प्रकार के है- जर्मनी, नेदरलैण्ड, ग्रीस, स्विट्ज़रलैंड, होन्ग कोंग, जापान, इत्यादि।
इसको कोई क़ानूनी रूप से कितना भी स्वीकृति प्रदान क्यों ना करे लेकिन समाजशास्त्रबीदो के अनुसार वेश्या बृत्ति हमेशा ही मानव समाज का एक बहुत बड़ा समस्या है।
इसको कोई क़ानूनी रूप से कितना भी स्वीकृति प्रदान क्यों ना करे लेकिन समाजशास्त्रबीदो के अनुसार वेश्या बृत्ति हमेशा ही मानव समाज का एक बहुत बड़ा समस्या है।
देह ब्यापार (deh Vyapar) के कारण समाज में बहुत सारे अन्य समस्या का भी जनम होता है।
इन समस्याओ में से सबसे जो प्रथम है वो है पारिवारिक हिंसा और जो दूसरा है वो है इससे जुड़े हुए कुछ भयानक बीमारिआ।
इन समस्याओ में से सबसे जो प्रथम है वो है पारिवारिक हिंसा और जो दूसरा है वो है इससे जुड़े हुए कुछ भयानक बीमारिआ।
खेर जो हो भी, इसका कुछ अति महत्वपूर्ण चरित्र है। जो समाजशास्त्रीक अध्ययन के दिशा से अति महत्वपूर्ण माणि जाती है। तो चलिए इन चरित्रों को एक एक करके जानने कोसिस करते है।
वेश्या बृत्ति के मूल चरित्र
1. यौन सुख से जुड़ा हुआ :
- यौन सुख को केंद्र करके ही वेश्या बृत्ति का बिकाश होता है। यौन सुख के प्रति आग्रह प्रत्येक इंसान का जन्म सिद्ध प्रबृत्ति होता है, क्योकि इसके दुवारा संतान का जनम और मानव समाज का विकाश संभव हो पाता है।
इस दुनिआ में हर एक इंसान इसको पूर्ण करने के लिए हमेशा ही चेष्टा करता है। लेकिन कुछ कुछ समाजो में विवाह पूर्ब यौन मिलन निषिद्द होता है।
ऐसे समाजो में व्यक्ति अपने यौन सुख की प्राप्ति के लिए वेश्या का सहारा लेते है। [चाहे वो पुरुष हो या फिर महिला], हालांकि हम ये नहीं कहते की केवल विवाह पूर्व यौन मिलन में बाधा देने वाले समाजो में ही इसका विकाश होता है, नहीं ये बात बिलकुल सत्य नहीं।
बल्कि इसके बिपरीत दुनिआ में उन देशो में ही इसका प्रभाव सबसे ज्यादा है जहाँ विवाह पूर्व यौन मिलन में कोई बाधा नहीं है। उदाहरण : - यूरोप और अमेरिकी देशो में।
इस दुनिआ में हर एक इंसान इसको पूर्ण करने के लिए हमेशा ही चेष्टा करता है। लेकिन कुछ कुछ समाजो में विवाह पूर्ब यौन मिलन निषिद्द होता है।
ऐसे समाजो में व्यक्ति अपने यौन सुख की प्राप्ति के लिए वेश्या का सहारा लेते है। [चाहे वो पुरुष हो या फिर महिला], हालांकि हम ये नहीं कहते की केवल विवाह पूर्व यौन मिलन में बाधा देने वाले समाजो में ही इसका विकाश होता है, नहीं ये बात बिलकुल सत्य नहीं।
बल्कि इसके बिपरीत दुनिआ में उन देशो में ही इसका प्रभाव सबसे ज्यादा है जहाँ विवाह पूर्व यौन मिलन में कोई बाधा नहीं है। उदाहरण : - यूरोप और अमेरिकी देशो में।
2. भावनाहीन संपर्क :
- जब पति-पत्नी विवाह के बाद यौन सम्बन्ध स्थापन करते है तब उनके बिच उस सम्बन्ध में एक प्रेमपूर्ण भावना विराजमान होता है।
लेकिन वेश्या बृत्ति में जब पुरुष और महिला यौन संपर्क स्थापन करते है तब उनके बिच कोई भी प्रेमयुक्त भावना बिराजमान नहीं रहता। उनके बिच केवल अपने शारीरिक सुखो के लिए ही ये संपर्क स्थापन होता है।
एक विवाहित जोड़ी विवाह के पश्चात ज्यादा समय तक एक दूसरे से दूर नहीं रह सकते क्योकि उनके बिच एक आवेगिक भावना का विकाश हो जाता है।
लेकिन जब किसी वेश्या के साथ कोई व्यक्ति सम्बन्ध स्थापन करते है तब उनके बिच ऐसा कोई भी सम्बन्ध आपको देखने नहीं मिलेगा। कुछ मुर्ख लोग विवाह जैसे पवित्र बंधन को भी 'नीतिगत वेश्या बृत्ति' बोलते है।
आप इसके बारे में क्या सोचते है।
लेकिन वेश्या बृत्ति में जब पुरुष और महिला यौन संपर्क स्थापन करते है तब उनके बिच कोई भी प्रेमयुक्त भावना बिराजमान नहीं रहता। उनके बिच केवल अपने शारीरिक सुखो के लिए ही ये संपर्क स्थापन होता है।
एक विवाहित जोड़ी विवाह के पश्चात ज्यादा समय तक एक दूसरे से दूर नहीं रह सकते क्योकि उनके बिच एक आवेगिक भावना का विकाश हो जाता है।
लेकिन जब किसी वेश्या के साथ कोई व्यक्ति सम्बन्ध स्थापन करते है तब उनके बिच ऐसा कोई भी सम्बन्ध आपको देखने नहीं मिलेगा। कुछ मुर्ख लोग विवाह जैसे पवित्र बंधन को भी 'नीतिगत वेश्या बृत्ति' बोलते है।
आप इसके बारे में क्या सोचते है।
3. उद्देश्यहीन संपर्क :
- यौन संपर्क का जो मूल उद्देश्य है वो है शारीरिक संपर्क के जरिए संतान पैदा करना।लेकिन वेश्या बृत्ति में ये संपर्क उद्देश्यहीन हो जाता है। शारीरिक सुख और धन-संपत्ति के अलावा इसका और कोई भी दूसरा उद्द्श्य नहीं होता।
4. एक अति पौराणिक बृत्ति : - दोस्तों आप क्या सोचते है, वेश्या बृत्ति नया कोई नया बृत्ति है या फिर पुराणा ? जी हां ये एक अति पुराणा बृत्ति है, जो हज़ारो सालो से मानव समाज में चलता आया है।
हालांकि पुराने समय में इसका स्वोरुप अलग अलग था, लेकिन बिभिन्न समाजो में बिभिन्न तरीके से ये चलता आया है। उदाहरण : - पौराणिक भारतीय समाज की देवदासी प्रथा।
4. एक अति पौराणिक बृत्ति : - दोस्तों आप क्या सोचते है, वेश्या बृत्ति नया कोई नया बृत्ति है या फिर पुराणा ? जी हां ये एक अति पुराणा बृत्ति है, जो हज़ारो सालो से मानव समाज में चलता आया है।
हालांकि पुराने समय में इसका स्वोरुप अलग अलग था, लेकिन बिभिन्न समाजो में बिभिन्न तरीके से ये चलता आया है। उदाहरण : - पौराणिक भारतीय समाज की देवदासी प्रथा।
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भारत में वेश्या बृत्ति के मूल कारण
1. आर्थिंक दुरावस्था :
- भारत में वेश्या बृत्ति बढने का सबसे पहला तथा मूल कारण है आर्थिक दुरावस्था। भारतवर्ष में बहुत सारे पुरुष और महिलाओ के पास धन अर्जन का कोई उपाय ना होने के कारण ये लोग हमेशा ही गरीब होके ही रहते है।
लेकिन जिन्दा रहना तो सबके लिए जरूरी है, इसी करणवर्ष कोई बाद में कोई उपाय ना देख बहुत सारे नौजवान लड़के-लड़किया वेश्या बृत्ति को ही ग्रहण करते है।
हम ये नहीं कहते की गरीबी भारत में वेश्या बृत्ति का केबल एकमात्र अकेला कारण है, ये बिलकुल सत्य नहीं क्योकि इसका और भी अन्य बहुत सारे कारण है।
लेकिन ये तो मानना ही होगा की उन सभी कारणों में से ये अन्यतम एक मुख्य कारण तो है।
लेकिन जिन्दा रहना तो सबके लिए जरूरी है, इसी करणवर्ष कोई बाद में कोई उपाय ना देख बहुत सारे नौजवान लड़के-लड़किया वेश्या बृत्ति को ही ग्रहण करते है।
हम ये नहीं कहते की गरीबी भारत में वेश्या बृत्ति का केबल एकमात्र अकेला कारण है, ये बिलकुल सत्य नहीं क्योकि इसका और भी अन्य बहुत सारे कारण है।
लेकिन ये तो मानना ही होगा की उन सभी कारणों में से ये अन्यतम एक मुख्य कारण तो है।
2. सामाजिक कारण :
- क्या आपको पता है की भारत में ज्यादातर वेश्या पुरुष नहीं बल्कि महिला है। इनमें से ज्यादातर वेश्याओं के जीवन
(Veshya Ke Jibon) भी बहुत दुखदायी है।
भारतीय समाज में आज भी महिलाओ को पुरुष के मुकाबले निम्न माना जाता है। इसके कारण देश के कुछ कुछ जगहों में बेटिओ को पुष्पिता होने के बाद अपने खुदके परिवार बाले ही वेश्या बृत्ति ग्रहण करने के लिए दलालो को बेच देते है।
भारतीय समाज में आज भी महिलाओ को पुरुष के मुकाबले निम्न माना जाता है। इसके कारण देश के कुछ कुछ जगहों में बेटिओ को पुष्पिता होने के बाद अपने खुदके परिवार बाले ही वेश्या बृत्ति ग्रहण करने के लिए दलालो को बेच देते है।
हालाकि ये एक बहुत ही बड़ा जुर्म होने के साथ साथ सुनने में भी दुखदायी है। लेकिन मई आपको बता दू की इस देश के कुछ समाजो में ये अभीभी होता आ रहा है।
