Thursday, 27 December 2018

भारत में जनसंख्या बृद्धि (Bharat Mein Jansankhya Vriddhi)

भारत में जनसंख्या बृद्धि (Bharat Mein Jansankhya Vriddhi)


आज इस लेख पर हम भारत में जनसंख्या बृद्धि (Bharat Mein Jansankhya Vriddhi), उसके प्रभाव ,रोकने के उपाय, और  परिणाम पर चर्चा करेंगे। कम से कम शब्दों में आपको ये सारे जानकारी बताने की कोसिस करेंगे।

तो चलिए भारत में जनसंख्या बृद्धि के कारणों से ये लेख आरम्भ करते है : -
Bharat Mein Jansankhya Vriddhi 
1. शिक्षा का अभाव : - शिक्षा सभी व्यक्ति के लिए जरूरी होता है।  शिक्षा के अभाव कारन कोई व्यक्ति ये नहीं जान पाता की अत्यधिक मात्रा में जनसंख्या बृद्धि के क्या क्या नुक्सान हो सकते है। भारत में अभी भी 29 प्रतिशत लोग अशिक्षित है। 

इनमें से ज्यादातर लोगो को नहीं पाता की जन्म नियंत्रण कैसे किआ जाये इसीलिए यौन मिलन के समय ये लोग जरूरी साबधानी नहीं बरत पाते तथा ये सभी कारण बाद में जनसंख्या बृद्धि के लिए जिम्मेदार होते है।

2. अंधबिस्वास का प्रभाव : - इस देश के ज्यादातर लोग सोचते है की संतान भगवान् की देन होता है। इसीलिए जन्म नियंत्रण के उपाय को अपनाना एक महापाप है। 

इसके कारन ज्यादातर व्यक्ति जन्म नियंत्रण करने की कोसिस भी नहीं करते। लोगो के बिच जन्म नियंत्रण को लेकर ऐसा धारणा भी इस देश में जनसंख्या बृद्धि के लिए जिम्मेदार है।        

3. अबैध प्रबजन: - भारत में जनसंख्या बृद्धि के एक और अन्यतम कारन है अबैध प्रबजन। भारत में इसके आस-पास के देशो से काफी भारी मात्रा में बिदेशी लोगो का प्रवजन होते रहते है। विशेष करके देश के उत्तर पूरी हिस्से में ये अबैध प्रवजन हो रहे है। असम, त्रिपुरा इत्यादि राज्यों में हो रहे ये अबाध प्रबेश इस देश की जनसंख्या बृद्धि का एक अन्यतम महत्वपूर्ण कारन है। 

2. समाजतात्विक सोच (Sociological Thought in Hindi)

भारत में जनसंख्या बृद्धि के परिणाम पर चर्चा (Bharat Mein Jansankhya Vriddhi Ke Parinaam Par Charcha)

1. सामाजिक समस्याओ का जनम : - आपको सायद ज्ञात होगा की सामाजिक समस्या हमेश ही एक दूसरे के साथ जुड़ा हुआ होता है। कोई भी सामाजिक समस्या स्वतंत्र नहीं होता। जनसंख्या बृद्धि भी सामाजिक समस्या है जो किसी और अन्य सामाजिक समस्या से जन्मा है और इसी तरह अन्य सामाजिक समस्याओ के जनम के लिए भी जिम्मेदार है।

जनसंख्या बृद्धि होने के कारन भारत में आज और भी कई सामाजिक समस्या जैसे की बेरोजगारी, चोरी, डकैती, हत्या इत्यादि का जनम हो रहा है।

2. आर्थिक दुरावस्था : - भारत एक तृतीया बिस्व के देश है। यहा जनसंख्या है 125 करोड़ की लकिन इस देश के जो उद्पाद है वो यहा के जनसंख्या के मुकाबले काफी कम है। 

अत्यधिक जन बृद्धि के कारन इस देश में हो रहे उद्पाद यहा के लोगो के लिए काफी नहीं हो पाता। जिसके कारन यहां के ज्यादातर लोगो को आर्थिक दुरावस्था भोग करना पढता है। 


भारत में जनसंख्या बृद्धि को रोकने उपाय (Bharat Mein Jansankhya Vriddhi Ko Rokne ke Upai)


1. देश के शिक्षा व्यबस्था को अधिक शक्तिशाली करना। लोगो को यौन शिक्षा के दुवारा शिक्षित करना।

2. जिस तरह चीन में जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए कानून बने है उसी तरह भारत में भी इस बृद्धि को नियंत्रित करने के लिए कानून व्यबस्था को शक्तिशाली करना जरूरी होगा।

3. अबैध प्रवजन को रोकने के लिए सरकार को कठोर से कठोर व्यबस्था करना होगा। ताकि कोई भी व्यक्ति बिना permission के इस देश में प्रबेश कर पाए।